कच्ची बायोगैस से बिजली – 4 कदमों में

ईंधन आपकी फ़ैक्टरी पहले से बना रही है। कचरा डाइजेस्टर में जाता है, डाइजेस्टर से गैस मिलती है, और गैस इंजन उस गैस को आपके प्लांट के लिए बिजली में बदल देता है।
“कच्ची” बायोगैस क्यों?
इंजन आपके अपने डाइजेस्टर की गैस पर चलता है। न कंप्रेस करना, न सिलेंडर भरना, न ढुलाई — गैस जहाँ बनती है, वहीं काम आती है।
आपको क्या मिलता है
- कम बिजली बिल — जो यूनिट आप बनाते हैं, वह आपको ख़रीदनी नहीं पड़ती
- आपका कचरा समस्या नहीं, काम की चीज़ बन जाता है
- ऑयल की खपत नहीं
- लंबा इंजन जीवन

क्या यह आपके प्लांट में चाहिए?
बताइए आपके पास कौन सा कचरा है और रोज़ कितना। हम सही इंजन सुझाएँगे।


